कंप्यूटर का आविष्कार एक ऐतिहासिक प्रयास का परिणाम है। यह अलग बात है कि कंप्यूटर आज आधुनिक युग का आविष्कार और देन सावित हआ। लेकिन इसके प्रयोग की सूचना 3500 वर्ष पहले भी मिलती है। सबसे प्राचीन कंप्यूटर स्टोन हेन्ज इंग्लैंड में 3500 वर्ष पूर्व बनाया था।
जिसका गैराल्ड हादिन्स ने अपनी पुस्तक स्टोन हेन्ज डिसकोडिड में वर्णन किया है। एक अन्य कंप्यूटर ग्रीस के लोगों द्वारा बनाया गया था। इसमें कंप्यूटर की प्रमुख विशेषताएँ मौजूद थीं । 2000 वर्ष पुराना होने के बावजूद उसकी विशेषताओं को आधुनिक युग के कंप्यूटरों की तकनीकि में शामिल किया जाता है । हालांकि यांत्रिक कंप्यूटरों का उद्गम पास्कल (1923-62). ग्राटफर्ड और विल्हेल्म (1696-1761) जैसे गणितज्ञों के कार्यों में ढूँढा जा सकता है । पर चार्ल्स बैबेज (1792-1871) प्रथम गणितज्ञ थे, जिन्होंने एक ऐसी मशीन बनाने का विचार किया, जिसमें लघुगणिकीय अंकणों, जिनका आविष्कार जॉन नेपियर (1550-1617) ने किया था, को समाहित किया जा सके ।
अंग्रेज वैज्ञानिक चार्ल्स बैबेज को आधुनिक कंप्यूटर विज्ञान का जन्मदाता कहा जाता है । बैबेज की शिष्या और कवि बायस की बेटी लेडी एडा ने सर्वप्रथम कंप्यूटर प्रोग्राम तैयार किया था।
पंचकार्ड का आविष्कार एक रोचक घटना है । डॉ. हर्मन हालरिथ ने इसे मूर्त रूप दिया । उन्होंने 1887 में पंचकार्ड मशीन बनाया । इसे जनगणना मशीन नाम दिया गया । पंचकार्ड एक इनपुट उपकरण है जो डेटा कंप्यूटर तक पहुँचाता है।
सन् 1883 में अमेरिकी वैज्ञानिक डॉ. वेन्नेवर बुश ने समीकरणों को हल करने के लिए यांत्रिक कलपुर्जी का एक शानदार गणक यंत्र बनाया और इस प्रकार बैबेज के आधारभूत सिद्धांतों को मूल रूप देना संभव हुआ । इसके बाद के मॉडलों में दण्डों और चक्रों के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक स्विच कंप्यूटरों का युग शुरू हुआ । दूसरे महायुद्ध के दौरान ही गणितज्ञ न्यूमन ने इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटरों के लिए नया स्थापत्य प्रस्तुत किया ।
द्वितीय विश्वयुद्ध के अंतिम दौर तक आधुनिक कंप्यूटर के लिए सभी प्रमुख सिद्धांत अस्तित्व में आ चुके थे । इसकी बाद ही निर्वात नलिकाओं या वाल्वों पर आधारित पहली पीढ़ी के कंप्यूटर बने । फिलहाल, पांचवी पीढ़ी के कम्प्यूटर अस्तित्व में हैं । अब आपकी जानकारी के लिए पाँच पीढ़ियों की चर्चा की जा रही है।
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